Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.46.d79: जिस प्रकार एक बुलबुला पानी से उठता है और फिर उसी में विलीन हो जाता है, उसी प्रकार सभी सजीव और निर्जीव वस्तुएं सदैव भगवान नारायण से निकलती हैं और उन्हीं में विलीन हो जाती हैं। | mahabharat अध्याय 2.46: भगवान् श्रीकृष्णके द्वारा बाणासुरपर विजय और भीष्मके द्वारा श्रीकृष्ण-माहात्म्यका उपसंहार । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यथा बुद्बुद उत्थाय तत्रैव प्रविलीयते॥
चराचराणि भूतानि तथा नारायणे सदा।
अनुवाद
जिस प्रकार एक बुलबुला पानी से उठता है और फिर उसी में विलीन हो जाता है, उसी प्रकार सभी सजीव और निर्जीव वस्तुएं सदैव भगवान नारायण से निकलती हैं और उन्हीं में विलीन हो जाती हैं।
Just as a bubble rises from water and then dissolves back into it, similarly all animate and inanimate objects always emerge from Lord Narayana and dissolve into Him.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥