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नैष गर्भत्वमापेदे न योन्यामवसत् प्रभु:॥
आत्मनस्तेजसा कृष्ण: सर्वेषां कुरुते गतिम्।
अनुवाद
ये भगवान न तो किसी के गर्भ में आते हैं और न ही किसी योनि में निवास करते हैं, अर्थात् स्वयं ही प्रकट होते हैं। श्रीकृष्ण अपने तेज से ही सबको मोक्ष प्रदान करते हैं।
This Lord neither comes in anyone's womb nor does he reside in any particular vagina, that is, he appears on his own. Shri Krishna grants salvation to everyone with his own brilliance.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥