Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 2.46.d73: जब शार्ङ्गधन्वा वसुदेव सूर्यलोक के समान उज्ज्वल और सुन्दर द्वारकापुरी का परित्याग कर देंगे, तब समुद्र उसे अपने भीतर ले लेगा।   |   mahabharat अध्याय 2.46: भगवान् श्रीकृष्णके द्वारा बाणासुरपर विजय और भीष्मके द्वारा श्रीकृष्ण-माहात्म्यका उपसंहार   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 46: भगवान् श्रीकृष्णके द्वारा बाणासुरपर विजय और भीष्मके द्वारा श्रीकृष्ण-माहात्म्यका उपसंहार  »  श्लोक d73
 
 
श्लोक  2.46.d73 
तां सूर्यसदनप्रख्यां मनोज्ञां शार्ङ्गधन्वना॥
विश्लिष्टां वासुदेवेन सागर: प्लावयिष्यति।
 
 
अनुवाद
जब शार्ङ्गधन्वा वसुदेव सूर्यलोक के समान उज्ज्वल और सुन्दर द्वारकापुरी का परित्याग कर देंगे, तब समुद्र उसे अपने भीतर ले लेगा।
 
When Sharngdhanva Vasudev will abandon Dwarkapuri, which is as bright and beautiful as the Sun world, then the ocean will take it within itself.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)