Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.46.d62-d64: भारत बाणासुर, जिसने तपस्या द्वारा बल, वीर्य और तेज प्राप्त करके समस्त देवताओं को उनकी सेना सहित भयभीत कर दिया था, जो इन्द्र आदि देवताओं द्वारा बार-बार वज्र, अष्णि, गदा और पाश से प्रहार किये जाने पर भी युद्ध में मर नहीं पा रहा था, उसी दैत्यराज बाणासुर को महाबली भगवान गोविन्द ने परास्त कर उसकी हजार भुजाएँ काटकर उसे क्षत-विक्षत कर दिया। | mahabharat अध्याय 2.46: भगवान् श्रीकृष्णके द्वारा बाणासुरपर विजय और भीष्मके द्वारा श्रीकृष्ण-माहात्म्यका उपसंहार । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भारत बाणासुर, जिसने तपस्या द्वारा बल, वीर्य और तेज प्राप्त करके समस्त देवताओं को उनकी सेना सहित भयभीत कर दिया था, जो इन्द्र आदि देवताओं द्वारा बार-बार वज्र, अष्णि, गदा और पाश से प्रहार किये जाने पर भी युद्ध में मर नहीं पा रहा था, उसी दैत्यराज बाणासुर को महाबली भगवान गोविन्द ने परास्त कर उसकी हजार भुजाएँ काटकर उसे क्षत-विक्षत कर दिया।
India Banasur, who by attaining strength, semen and energy through penance, had frightened all the Gods along with their legions, who could not die in the battle even after being repeatedly attacked by gods like Indra with thunderbolt, ashni, mace and noose, the same demon king Banasur was defeated and mutilated by the great Lord Govinda by cutting off his thousand arms. Gave.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥