vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 2: सभा पर्व
»
अध्याय 46: भगवान् श्रीकृष्णके द्वारा बाणासुरपर विजय और भीष्मके द्वारा श्रीकृष्ण-माहात्म्यका उपसंहार
»
श्लोक d52
श्लोक
2.46.d52
पर्वतानां सहस्रं च चक्रेण पुरुषोत्तम:॥
विभिद्य पुण्डरीकाक्षो द्युमत्सेनमयोधयत्।
अनुवाद
कमल-नेत्र पुरुषोत्तम श्रीकृष्ण ने अपने चक्र से हजारों पर्वतों को काटकर द्युमत्सेन से युद्ध किया।
The lotus-eyed Purushottam Shri Krishna fought with Dyumatsen by severing thousands of mountains with his chakra.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×