Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.46.d41-d42: हे कुन्तीनन्दन! तत्पश्चात् उन्होंने महाबली बलदेव, महापराक्रमी प्रद्युम्न, परम तेजस्वी अनिरुद्ध, सुन्दरी उषा तथा दास-दासियों को गरुड़ को अर्पित किया। | mahabharat अध्याय 2.46: भगवान् श्रीकृष्णके द्वारा बाणासुरपर विजय और भीष्मके द्वारा श्रीकृष्ण-माहात्म्यका उपसंहार । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
त्वरयाथ स कौन्तेय बलदेवं महाबलम्।
प्रद्युम्नं च महावीर्यमनिरुद्धं महाद्युतिम्॥
उषां च सुन्दरीं राजन् भृत्यदासीगणै: सह।
सर्वानेतान् समारोप्य रत्नानि विविधानि च॥
अनुवाद
हे कुन्तीनन्दन! तत्पश्चात् उन्होंने महाबली बलदेव, महापराक्रमी प्रद्युम्न, परम तेजस्वी अनिरुद्ध, सुन्दरी उषा तथा दास-दासियों को गरुड़ को अर्पित किया।
Kuntinandan! After that, he offered the mighty Baladeva, the infinitely mighty Pradyumna, the most radiant Aniruddha, the beautiful Usha along with her servants and maids, all of them and various types of gems also offered to Garuda.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥