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mahabharat 2.46.d3: भरतकुलभूषण! बाण नाम के एक राजा थे जो बालिका के ज्येष्ठ पुत्र थे। वे अत्यंत बलवान और शक्तिशाली होने के साथ-साथ सहस्त्र भुजाओं से भी सुशोभित थे।   |   mahabharat अध्याय 2.46: भगवान् श्रीकृष्णके द्वारा बाणासुरपर विजय और भीष्मके द्वारा श्रीकृष्ण-माहात्म्यका उपसंहार   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  2.46.d3 
बाणो नामाभवद् राजा बलेर्ज्येष्ठसुतो बली।
वीर्यवान् भरतश्रेष्ठ स च बाहुसहस्रवान्॥
 
 
अनुवाद
भरतकुलभूषण! बाण नाम के एक राजा थे जो बालिका के ज्येष्ठ पुत्र थे। वे अत्यंत बलवान और शक्तिशाली होने के साथ-साथ सहस्त्र भुजाओं से भी सुशोभित थे।
 
Bharatkulbhushan! There was a king named Baan who was the eldest son of Balika. Apart from being very strong and powerful, he was also adorned with a thousand arms.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)