Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.46.d20: वह नगरी स्वर्ण महलों से भरी हुई थी और मोती उसकी शोभा बढ़ा रहे थे। जगह-जगह बाग-बगीचे और जंगल उसकी शोभा बढ़ा रहे थे। वह नगरी नृत्य और गीतों से सजी हुई थी। | mahabharat अध्याय 2.46: भगवान् श्रीकृष्णके द्वारा बाणासुरपर विजय और भीष्मके द्वारा श्रीकृष्ण-माहात्म्यका उपसंहार । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वह नगरी स्वर्ण महलों से भरी हुई थी और मोती उसकी शोभा बढ़ा रहे थे। जगह-जगह बाग-बगीचे और जंगल उसकी शोभा बढ़ा रहे थे। वह नगरी नृत्य और गीतों से सजी हुई थी।
That city was full of golden palaces and pearls added to its beauty. Gardens and forests were adorning it at various places. That city was decorated with dance and songs.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥