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mahabharat 2.46.d15: नारदजी बोले- महाबाहु श्रीकृष्ण! आप यदुवंशियों का यश बढ़ाने वाले हैं। इस समय अत्यंत तेजस्वी बाणासुर आपके पौत्र अनिरुद्ध को बहुत कष्ट दे रहा है। वह कष्ट में है और सदैव कारागार में रह रहा है।   |   mahabharat अध्याय 2.46: भगवान् श्रीकृष्णके द्वारा बाणासुरपर विजय और भीष्मके द्वारा श्रीकृष्ण-माहात्म्यका उपसंहार   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  2.46.d15 
नारद उवाच
कृष्ण कृष्ण महाबाहो यदूनां कीर्तिवर्धन।
त्वत्पौत्रो बाध्यमानोऽथ बाणेनामिततेजसा॥
कृच्छ्रं प्राप्तोऽनिरुद्धो वै शेते कारागृहे सदा।
 
 
अनुवाद
नारदजी बोले- महाबाहु श्रीकृष्ण! आप यदुवंशियों का यश बढ़ाने वाले हैं। इस समय अत्यंत तेजस्वी बाणासुर आपके पौत्र अनिरुद्ध को बहुत कष्ट दे रहा है। वह कष्ट में है और सदैव कारागार में रह रहा है।
 
Naradji said- Mahabahu Shri Krishna! You are the one who increases the fame of the Yaduvanshis. At this time, the extremely radiant Banasura is giving a lot of trouble to your grandson Aniruddha. He is in trouble and is always living in prison.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)