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mahabharat 2.46.d11-d12: युधिष्ठिर! महाबली बाणासुर को जब यह पता चला कि प्रद्युम्न का पुत्र अनिरुद्ध उसकी पुत्री के साथ गुप्त रूप से रह रहा है, तो उसने उसे और उसकी पुत्री को बलपूर्वक बन्दी बना लिया।   |   mahabharat अध्याय 2.46: भगवान् श्रीकृष्णके द्वारा बाणासुरपर विजय और भीष्मके द्वारा श्रीकृष्ण-माहात्म्यका उपसंहार   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  2.46.d11-d12 
अथ बाणो महातेजास्तदा तत्र युधिष्ठिर॥
तं गुह्यनिलयं ज्ञात्वा प्राद्युम्निं सुतया सह।
गृहीत्वा कारयामास वस्तुं कारागृहे बलात्॥
 
 
अनुवाद
युधिष्ठिर! महाबली बाणासुर को जब यह पता चला कि प्रद्युम्न का पुत्र अनिरुद्ध उसकी पुत्री के साथ गुप्त रूप से रह रहा है, तो उसने उसे और उसकी पुत्री को बलपूर्वक बन्दी बना लिया।
 
Yudhishthira! The mighty Banasura came to know that Pradyumna's son Aniruddha was secretly staying with his daughter and he captured him along with his daughter to forcefully imprison him.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)