Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.45.d92: आशीर्वाद देते हुए वे इस प्रकार बोलीं – ‘ब्राह्मण-द्वेषी समस्त राक्षस मारे गये; अंधक और वृष्णिवंश के योद्धा सर्वत्र विजय प्राप्त कर रहे हैं।’ भगवान मधुसूदन से ऐसा कहकर स्त्रियों ने उनकी ओर देखा। | mahabharat अध्याय 2.45: द्वारकापुरी एवं रुक्मिणी आदि रानियोंके महलोंका वर्णन, श्रीबलराम और श्रीकृष्णका द्वारकामें प्रवेश । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हता ब्रह्मद्विष: सर्वे जयन्त्यन्धकवृष्णय:॥
एवमुक्त: स ह स्त्रीभिरीक्षितो मधुसूदन:।
अनुवाद
आशीर्वाद देते हुए वे इस प्रकार बोलीं – ‘ब्राह्मण-द्वेषी समस्त राक्षस मारे गये; अंधक और वृष्णिवंश के योद्धा सर्वत्र विजय प्राप्त कर रहे हैं।’ भगवान मधुसूदन से ऐसा कहकर स्त्रियों ने उनकी ओर देखा।
While giving blessings she said thus – ‘All the Brahmin-hating demons were killed; The warriors of Andhaka and Vrishni dynasty are winning everywhere.' Saying this to Lord Madhusudan, the women looked at him.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥