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mahabharat 2.45.d90: राजा उग्रसेन भगवान वासुदेव को आगे लेकर वेणुद और शंखध्वनि के साथ उन्हें अपने महल में ले जाने के लिए चले।   |   mahabharat अध्याय 2.45: द्वारकापुरी एवं रुक्मिणी आदि रानियोंके महलोंका वर्णन, श्रीबलराम और श्रीकृष्णका द्वारकामें प्रवेश   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  2.45.d90 
वासुदेवं पुरस्कृत्य वेणुशंखरवै: सह॥
उग्रसेनो ययौ राजा वासुदेवनिवेशनम्।
 
 
अनुवाद
राजा उग्रसेन भगवान वासुदेव को आगे लेकर वेणुद और शंखध्वनि के साथ उन्हें अपने महल में ले जाने के लिए चले।
 
King Ugrasena took Lord Vasudeva ahead and went to escort him to his palace accompanied by the sound of Venuda and the sound of conch shells.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)