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श्लोक  2.45.d78 
बभूवु: परमोपेता: सर्वे जगतिपर्वता:।
तत्रैव गजयूथानि तत्र गोमहिषास्तथा॥
निवासाश्च कृतास्तत्र वराहमृगपक्षिणाम्।
 
 
अनुवाद
दुनिया के सभी बेहतरीन पर्वत आंशिक रूप से उस उद्यान में एकत्रित हैं। हाथियों के झुंड और गाय-भैंसों के झुंड वहाँ रहते हैं। जंगली सूअरों, हिरणों और पक्षियों के लिए भी उपयुक्त आवास वहाँ बनाए गए हैं।
 
All the best mountains of the world are partially collected in that garden. Herds of elephants and herds of cows and buffaloes live there. Habitats suitable for wild boars, deer and birds have also been created there.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)