Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.45.d4: उस नगर के चारों ओर बनी चौड़ी खाइयाँ उसकी शोभा बढ़ा रही थीं। उनमें कमल के फूल खिले हुए थे। हंस और अन्य पक्षी उनका पानी पीते थे। वे गंगा और सिंधु के समान प्रतीत हो रहे थे। | mahabharat अध्याय 2.45: द्वारकापुरी एवं रुक्मिणी आदि रानियोंके महलोंका वर्णन, श्रीबलराम और श्रीकृष्णका द्वारकामें प्रवेश । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उस नगर के चारों ओर बनी चौड़ी खाइयाँ उसकी शोभा बढ़ा रही थीं। उनमें कमल के फूल खिले हुए थे। हंस और अन्य पक्षी उनका पानी पीते थे। वे गंगा और सिंधु के समान प्रतीत हो रहे थे।
The wide ditches built around that city were enhancing its beauty. Lotus flowers were blooming in them. Swans and other birds used to drink their water. They looked like Ganga and Sindhu.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥