Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.45.d39: शुद्ध सूर्य के समान चमकते हुए झंडे उस सुंदर महल की शोभा बढ़ा रहे हैं। वह भवन एक सुंदर बगीचे में बना है। उसके चारों ओर ऊँचे-ऊँचे झंडे लहरा रहे हैं। | mahabharat अध्याय 2.45: द्वारकापुरी एवं रुक्मिणी आदि रानियोंके महलोंका वर्णन, श्रीबलराम और श्रीकृष्णका द्वारकामें प्रवेश । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
शुद्ध सूर्य के समान चमकते हुए झंडे उस सुंदर महल की शोभा बढ़ा रहे हैं। वह भवन एक सुंदर बगीचे में बना है। उसके चारों ओर ऊँचे-ऊँचे झंडे लहरा रहे हैं।
Bright flags like the pure sun enhance the beauty of that beautiful palace. That building has been constructed in a beautiful garden. Tall flags flutter all around it.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥