Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.45.d3: वहाँ के सुन्दर राजभवन सूर्य और चन्द्रमा के समान प्रकाशमान और मेरु पर्वत की चोटियों के समान ऊँचे थे। इन भवनों से सुशोभित द्वारकापुरी का निर्माण स्वयं विश्वकर्मा ने किया था। | mahabharat अध्याय 2.45: द्वारकापुरी एवं रुक्मिणी आदि रानियोंके महलोंका वर्णन, श्रीबलराम और श्रीकृष्णका द्वारकामें प्रवेश । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वहाँ के सुन्दर राजभवन सूर्य और चन्द्रमा के समान प्रकाशमान और मेरु पर्वत की चोटियों के समान ऊँचे थे। इन भवनों से सुशोभित द्वारकापुरी का निर्माण स्वयं विश्वकर्मा ने किया था।
The beautiful royal palaces there were as luminous as the sun and the moon and as high as the peaks of Mount Meru. Dwarkapuri, adorned with these buildings, was created by Vishwakarma himself.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥