Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.45.d28: कुछ घर रत्नों से बने होते हैं, कुछ सोने से और कुछ मिट्टी (ईंट, पत्थर आदि) से तैयार किए जाते हैं। इन सबके निचले हिस्से चूने से साफ़ किए जाते हैं। इनके दरवाज़े (चौखट-दरवाज़े) जम्बूण्ड सोने से बनाए जाते हैं और द्वार (दरवाज़े) वैदूर्य रत्नों से तैयार किए जाते हैं। | mahabharat अध्याय 2.45: द्वारकापुरी एवं रुक्मिणी आदि रानियोंके महलोंका वर्णन, श्रीबलराम और श्रीकृष्णका द्वारकामें प्रवेश । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कुछ घर रत्नों से बने होते हैं, कुछ सोने से और कुछ मिट्टी (ईंट, पत्थर आदि) से तैयार किए जाते हैं। इन सबके निचले हिस्से चूने से साफ़ किए जाते हैं। इनके दरवाज़े (चौखट-दरवाज़े) जम्बूण्ड सोने से बनाए जाते हैं और द्वार (दरवाज़े) वैदूर्य रत्नों से तैयार किए जाते हैं।
Some houses are made of gems, some are prepared with gold and some are made of earthen materials (brick, stone etc.). The lower parts of all of them are cleaned with lime. Their doors (door frames-doors) are made of jambond gold and the doors (doors) are prepared with vaidurya gems.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥