Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.45.d27: (प्रभु ने देखा) वहाँ विशाल महल, अट्टालिकाएँ और छज्जे हैं और उन छज्जों पर लटके हुए पक्षी-पिंजरे शोभायमान हैं। अनेक यंत्र-कक्ष वहाँ के महलों की शोभा बढ़ाते हैं। अनेक प्रकार के रत्नों से जड़ित होने के कारण द्वारका के भवन नाना प्रकार की धातुओं से अलंकृत पर्वतों के समान शोभायमान हैं। | mahabharat अध्याय 2.45: द्वारकापुरी एवं रुक्मिणी आदि रानियोंके महलोंका वर्णन, श्रीबलराम और श्रीकृष्णका द्वारकामें प्रवेश । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
(प्रभु ने देखा) वहाँ विशाल महल, अट्टालिकाएँ और छज्जे हैं और उन छज्जों पर लटके हुए पक्षी-पिंजरे शोभायमान हैं। अनेक यंत्र-कक्ष वहाँ के महलों की शोभा बढ़ाते हैं। अनेक प्रकार के रत्नों से जड़ित होने के कारण द्वारका के भवन नाना प्रकार की धातुओं से अलंकृत पर्वतों के समान शोभायमान हैं।
(The Lord saw) There are huge palaces, attics and balconies and the bird cages hanging on those balconies look beautiful. Many machine rooms enhance the beauty of the palaces there. Due to being studded with many kinds of gems, the buildings of Dwarka look beautiful like mountains decorated with various metals.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥