Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 2.45.d15: हे भारत! महात्मा केशव की उस नगरी में पूर्व दिशा की ओर एक सुन्दर तालाब दिखाई देता है, जिसकी चौड़ाई सौ धनुष है।   |   mahabharat अध्याय 2.45: द्वारकापुरी एवं रुक्मिणी आदि रानियोंके महलोंका वर्णन, श्रीबलराम और श्रीकृष्णका द्वारकामें प्रवेश   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 45: द्वारकापुरी एवं रुक्मिणी आदि रानियोंके महलोंका वर्णन, श्रीबलराम और श्रीकृष्णका द्वारकामें प्रवेश  »  श्लोक d15
 
 
श्लोक  2.45.d15 
भाति पुष्करिणी रम्या पूर्वस्यां दिशि भारत॥
धनु: शतपरीणाहा केशवस्य महात्मन:।
 
 
अनुवाद
हे भारत! महात्मा केशव की उस नगरी में पूर्व दिशा की ओर एक सुन्दर तालाब दिखाई देता है, जिसकी चौड़ाई सौ धनुष है।
 
India! In that city of Mahatma Keshav, towards the east, a beautiful pond is seen, whose width is a hundred bows.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)