श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 44: नरकासुरका सैनिकोंसहित वध, देवता आदिकी सोलह हजार कन्याओंको पत्नीरूपमें स्वीकार करके श्रीकृष्णका उन्हें द्वारका भेजना तथा इन्द्रलोकमें जाकर अदितिको कुण्डल अर्पणकर द्वारकापुरीमें वापस आना  »  श्लोक d96
 
 
श्लोक  2.44.d96 
श्रीभगवानुवाच
यथा ब्रूत विशालाक्ष्यस्तत् सर्वं वो भविष्यति॥
 
 
अनुवाद
श्री भगवान बोले, "हे बड़े नेत्रों वाली सुन्दरी! तुम्हारी सभी इच्छाएँ तुम्हारे कहे अनुसार पूरी होंगी।"
 
Sri Bhagavan said, "O beautiful lady with big eyes! All your desires will be fulfilled as you say."
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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