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कन्यका ऊचु:
सत्यं बत पुरा वायुरिदमस्मानिहाब्रवीत्।
सर्वभूतकृतज्ञश्च महर्षिरपि नारद:॥
अनुवाद
कन्याओं ने कहा- यह बड़े हर्ष की बात है कि पूर्वकाल में वायुदेव तथा समस्त प्राणियों के प्रति कृतज्ञ महर्षि नारदजी ने जो कहा था, वह सत्य हो गया।
The girls said - It is a matter of great joy that what Vayudev and Maharishi Naradji, who was grateful to all creatures, had said in the past, has come true.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥