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mahabharat 2.44.d84: ‘कुछ ही दिनों में भगवान यहां आएंगे और आप सभी को इस संकट से मुक्ति दिलाएंगे।’ यह कहकर परम बुद्धिमान नारद मुनि यहां से चले गए।   |   mahabharat अध्याय 2.44: नरकासुरका सैनिकोंसहित वध, देवता आदिकी सोलह हजार कन्याओंको पत्नीरूपमें स्वीकार करके श्रीकृष्णका उन्हें द्वारका भेजना तथा इन्द्रलोकमें जाकर अदितिको कुण्डल अर्पणकर द्वारकापुरीमें वापस आना   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 44: नरकासुरका सैनिकोंसहित वध, देवता आदिकी सोलह हजार कन्याओंको पत्नीरूपमें स्वीकार करके श्रीकृष्णका उन्हें द्वारका भेजना तथा इन्द्रलोकमें जाकर अदितिको कुण्डल अर्पणकर द्वारकापुरीमें वापस आना  »  श्लोक d84
 
 
श्लोक  2.44.d84 
सोऽचिरेणैव कालेन युष्मन्मोक्ता भविष्यति॥
एवमुक्त्वागमद् धीमान् देवर्षिर्नारदस्तथा।
 
 
अनुवाद
‘कुछ ही दिनों में भगवान यहां आएंगे और आप सभी को इस संकट से मुक्ति दिलाएंगे।’ यह कहकर परम बुद्धिमान नारद मुनि यहां से चले गए।
 
'In a few days God will come here and will rescue all of you from this crisis.' Saying this the extremely intelligent sage Narada left from here.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)