Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.44.d8-d9: नरकासुर बोला- देवी! आज से सभी दैत्य देवताओं और मनुष्यों के पास जितने भी प्रकार के रत्न हैं, समस्त पृथ्वी के रत्न और समुद्र में जितने भी रत्न हैं, उन सभी को लाकर आपको अर्पित करेंगे। यहाँ तक कि दैत्य और दानव भी आपको उत्तम रत्न प्रदान करेंगे। | mahabharat अध्याय 2.44: नरकासुरका सैनिकोंसहित वध, देवता आदिकी सोलह हजार कन्याओंको पत्नीरूपमें स्वीकार करके श्रीकृष्णका उन्हें द्वारका भेजना तथा इन्द्रलोकमें जाकर अदितिको कुण्डल अर्पणकर द्वारकापुरीमें वापस आना । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
नरकासुर बोला- देवी! आज से सभी दैत्य देवताओं और मनुष्यों के पास जितने भी प्रकार के रत्न हैं, समस्त पृथ्वी के रत्न और समुद्र में जितने भी रत्न हैं, उन सभी को लाकर आपको अर्पित करेंगे। यहाँ तक कि दैत्य और दानव भी आपको उत्तम रत्न प्रदान करेंगे।
Narakasur said— Goddess! From today onwards, all the demons will bring all the different types of gems that the gods and humans have, the gems that the entire earth holds and the gems that are stored in the oceans and offer them to you. Even the demons and devils will gift you the best of gems.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥