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mahabharat 2.44.d67: जनार्दन! यहाँ आठ लाख उत्तम देशी घोड़े और बैलों से जुते हुए नए वाहन हैं। आपको इनसे जो भी चाहिए, वे आपके यहाँ पहुँच जाएँगे।   |   mahabharat अध्याय 2.44: नरकासुरका सैनिकोंसहित वध, देवता आदिकी सोलह हजार कन्याओंको पत्नीरूपमें स्वीकार करके श्रीकृष्णका उन्हें द्वारका भेजना तथा इन्द्रलोकमें जाकर अदितिको कुण्डल अर्पणकर द्वारकापुरीमें वापस आना   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 44: नरकासुरका सैनिकोंसहित वध, देवता आदिकी सोलह हजार कन्याओंको पत्नीरूपमें स्वीकार करके श्रीकृष्णका उन्हें द्वारका भेजना तथा इन्द्रलोकमें जाकर अदितिको कुण्डल अर्पणकर द्वारकापुरीमें वापस आना  »  श्लोक d67
 
 
श्लोक  2.44.d67 
अष्टौ शतसहस्राणि देशजाश्चोत्तमा हया:।
गोभिश्चाविकृतैर्यानै: कामं तव जनार्दन॥
 
 
अनुवाद
जनार्दन! यहाँ आठ लाख उत्तम देशी घोड़े और बैलों से जुते हुए नए वाहन हैं। आपको इनसे जो भी चाहिए, वे आपके यहाँ पहुँच जाएँगे।
 
Janardan! There are eight lakh excellent native horses and new vehicles drawn by bulls. Whatever you need from these, they can go to your place.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)