Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.44.d32: इस प्रकार उन्होंने वृष्णि और अंधक कुल के प्रमुखों को गले लगाया और उनकी पूजा स्वीकार की तथा अपना मुख नीचे झुकाकर इस प्रकार बोले - | mahabharat अध्याय 2.44: नरकासुरका सैनिकोंसहित वध, देवता आदिकी सोलह हजार कन्याओंको पत्नीरूपमें स्वीकार करके श्रीकृष्णका उन्हें द्वारका भेजना तथा इन्द्रलोकमें जाकर अदितिको कुण्डल अर्पणकर द्वारकापुरीमें वापस आना । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इस प्रकार उन्होंने वृष्णि और अंधक कुल के प्रमुखों को गले लगाया और उनकी पूजा स्वीकार की तथा अपना मुख नीचे झुकाकर इस प्रकार बोले -
In this manner, he embraced the chiefs of the Vrishni and Andhaka clans and accepted the worship offered by them and with his face bent downwards, he spoke thus -
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥