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रामकृष्णौ च राजा च वृष्ण्यन्धकगणै: सह।
उत्पत्य सहसा तस्मै नमस्कारमकुर्वत॥
अनुवाद
बलराम, श्रीकृष्ण और राजा उग्रसेन सहित वृष्णि और अंधक वंश के अन्य लोग अचानक उठकर बाहर आ गए और सभी ने देवराज इंद्र का अभिवादन किया।
Balarama, Shri Krishna and King Ugrasen along with Vrishni and other people of Andhaka dynasty suddenly got up and came out and everyone greeted Devraj Indra.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥