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mahabharat 2.43.d70: तत्पश्चात् पुरुषोत्तम श्रीकृष्ण ने समस्त राजाओं के साथ मिलकर सरोवरों अथवा हृदयों से सुशोभित यमुना के तट पर आक्रमणकारी राजा जरासंध को परास्त किया।   |   mahabharat अध्याय 2.43: कालियमर्दन एवं धेनुकासुर, अरिष्टासुर और कंस आदिका वध, श्रीकृष्ण और बलरामका विद्याभ्यास तथा गुरुदक्षिणारूपसे गुरुजीको उनके मरे हुए पुत्रको जीवित करके देना   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 43: कालियमर्दन एवं धेनुकासुर, अरिष्टासुर और कंस आदिका वध, श्रीकृष्ण और बलरामका विद्याभ्यास तथा गुरुदक्षिणारूपसे गुरुजीको उनके मरे हुए पुत्रको जीवित करके देना  »  श्लोक d70
 
 
श्लोक  2.43.d70 
तत: पार्थिवमायान्तं सहितं सर्वराजभि:।
सरस्वत्यां जरासंधमजयत् पुरुषोत्तम:॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् पुरुषोत्तम श्रीकृष्ण ने समस्त राजाओं के साथ मिलकर सरोवरों अथवा हृदयों से सुशोभित यमुना के तट पर आक्रमणकारी राजा जरासंध को परास्त किया।
 
Thereafter, Purushottam Shri Krishna along with all the kings defeated the attacking king Jarasandha on the banks of Yamuna adorned with lakes or hearts.
 
(दाक्षिणात्य प्रतिमें अध्याय समाप्त)


 
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)