Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.43.d58-d59: उसके सोलह हज़ार घोड़े थे जिनका रंग पलाश के फूल के समान लाल था। हे राजन! किशोर घोड़ों का एक और समूह था जिसकी संख्या सोलह हज़ार थी। इन घोड़ों के सवार भी बहुत कुशल थे। कोई भी इस सेना को बलपूर्वक दबा नहीं सकता था। कंस का भाई सुनामा इन सभी घोड़ों का नेता था। | mahabharat अध्याय 2.43: कालियमर्दन एवं धेनुकासुर, अरिष्टासुर और कंस आदिका वध, श्रीकृष्ण और बलरामका विद्याभ्यास तथा गुरुदक्षिणारूपसे गुरुजीको उनके मरे हुए पुत्रको जीवित करके देना । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
षोडशाश्वसहस्राणि किंशुकाभानि तस्य वै।
अपरस्तु महाव्यूह: किशोराणां युधिष्ठिर॥
आरोहवरसम्पन्नो दुर्धर्ष: केनचिद् बलात्।
स च षोडशसाहस्र: कंसभ्रातृपुरस्सर:॥
अनुवाद
उसके सोलह हज़ार घोड़े थे जिनका रंग पलाश के फूल के समान लाल था। हे राजन! किशोर घोड़ों का एक और समूह था जिसकी संख्या सोलह हज़ार थी। इन घोड़ों के सवार भी बहुत कुशल थे। कोई भी इस सेना को बलपूर्वक दबा नहीं सकता था। कंस का भाई सुनामा इन सभी घोड़ों का नेता था।
He had sixteen thousand horses whose colour was red like the Palaska flower. O King! There was another group of teenage horses whose number was sixteen thousand. The riders of these horses were also very good. No one could suppress this army by force. Kansa's brother Sunama was the leader of all these horses.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥