Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.43.d35: हे पिताश्री युधिष्ठिर! तत्पश्चात वे दोनों धर्म-भाई गुरु सान्दीपनि के यहाँ (उज्जयिनीपुरी में) विद्याध्ययन हेतु चले गए। वहाँ वे गुरु-सेवा में तत्पर रहे और सदैव धर्म-कर्म में लगे रहे। | mahabharat अध्याय 2.43: कालियमर्दन एवं धेनुकासुर, अरिष्टासुर और कंस आदिका वध, श्रीकृष्ण और बलरामका विद्याभ्यास तथा गुरुदक्षिणारूपसे गुरुजीको उनके मरे हुए पुत्रको जीवित करके देना । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे पिताश्री युधिष्ठिर! तत्पश्चात वे दोनों धर्म-भाई गुरु सान्दीपनि के यहाँ (उज्जयिनीपुरी में) विद्याध्ययन हेतु चले गए। वहाँ वे गुरु-सेवा में तत्पर रहे और सदैव धर्म-कर्म में लगे रहे।
Father Yudhishthir! Thereafter, both of them went to the religious brother Guru Sandipani's place (in Ujjainipuri) for studies. There he remained devoted to the service of Guru and was always engaged in the rituals of religion.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥