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mahabharat 2.43.d30: भारत! (कुश्ती देखने के लिए लोग एकत्र हुए) मुष्टिक नामक पहलवान, जो युद्ध के लिए तैयार खड़ा था, उसे बलराम ने अखाड़े में ही मार डाला।   |   mahabharat अध्याय 2.43: कालियमर्दन एवं धेनुकासुर, अरिष्टासुर और कंस आदिका वध, श्रीकृष्ण और बलरामका विद्याभ्यास तथा गुरुदक्षिणारूपसे गुरुजीको उनके मरे हुए पुत्रको जीवित करके देना   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 43: कालियमर्दन एवं धेनुकासुर, अरिष्टासुर और कंस आदिका वध, श्रीकृष्ण और बलरामका विद्याभ्यास तथा गुरुदक्षिणारूपसे गुरुजीको उनके मरे हुए पुत्रको जीवित करके देना  »  श्लोक d30
 
 
श्लोक  2.43.d30 
बलदेवेन चायत्त: समाजे मुष्टिको हत:।
 
 
अनुवाद
भारत! (कुश्ती देखने के लिए लोग एकत्र हुए) मुष्टिक नामक पहलवान, जो युद्ध के लिए तैयार खड़ा था, उसे बलराम ने अखाड़े में ही मार डाला।
 
Bharat! (People gathered to watch the wrestling match) A wrestler named Mushtik who was standing ready for the fight was killed by Balarama in the ring itself.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)