Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.43.d21: तत्पश्चात्, महाबली श्रीकृष्ण गोशाला में गए और ग्वालों द्वारा किए जा रहे गिरिया-भोज में सम्मिलित हुए। वहाँ उन्होंने समस्त सृष्टि के रचयिता ईश्वर के रूप में स्वयं को प्रकट किया और स्वयं गिरिराज को समर्पित खीरा खाने लगे। | mahabharat अध्याय 2.43: कालियमर्दन एवं धेनुकासुर, अरिष्टासुर और कंस आदिका वध, श्रीकृष्ण और बलरामका विद्याभ्यास तथा गुरुदक्षिणारूपसे गुरुजीको उनके मरे हुए पुत्रको जीवित करके देना । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत्पश्चात्, महाबली श्रीकृष्ण गोशाला में गए और ग्वालों द्वारा किए जा रहे गिरिया-भोज में सम्मिलित हुए। वहाँ उन्होंने समस्त सृष्टि के रचयिता ईश्वर के रूप में स्वयं को प्रकट किया और स्वयं गिरिराज को समर्पित खीरा खाने लगे।
Thereafter, the mighty Shri Krishna went to the cow shed and joined the Giriyya performed by the cowherds. There, he manifested himself in the form of God, the Creator of all things, and started eating the cucumber (dedicated to Giriraj) himself.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥