Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 2.43.d19: वे दोनों अजेय वीर, जो अपने शत्रुओं को कष्ट देते थे, गायों और बछड़ों को नाम से पुकारते थे और लोकप्रिय बाल-क्रीड़ाओं में लिप्त रहते थे।   |   mahabharat अध्याय 2.43: कालियमर्दन एवं धेनुकासुर, अरिष्टासुर और कंस आदिका वध, श्रीकृष्ण और बलरामका विद्याभ्यास तथा गुरुदक्षिणारूपसे गुरुजीको उनके मरे हुए पुत्रको जीवित करके देना   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 43: कालियमर्दन एवं धेनुकासुर, अरिष्टासुर और कंस आदिका वध, श्रीकृष्ण और बलरामका विद्याभ्यास तथा गुरुदक्षिणारूपसे गुरुजीको उनके मरे हुए पुत्रको जीवित करके देना  »  श्लोक d19
 
 
श्लोक  2.43.d19 
नामभिर्व्याहरन्तौ च वत्सान् गाश्च परंतपौ।
चेरतुर्लोकसिद्धाभि: क्रीडाभिरपराजितौ॥
 
 
अनुवाद
वे दोनों अजेय वीर, जो अपने शत्रुओं को कष्ट देते थे, गायों और बछड़ों को नाम से पुकारते थे और लोकप्रिय बाल-क्रीड़ाओं में लिप्त रहते थे।
 
Those two invincible heroes, who caused torment to their enemies, used to call the cows and calves by name and indulge in the popular childish games.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)