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mahabharat 2.43.d18: वहाँ, जंगल की सुंदरता की प्रशंसा करते हुए, दोनों भाइयों ने घूमने, खेलने, गीत गाने और विभिन्न वृक्षों की खोज का आनंद लिया।   |   mahabharat अध्याय 2.43: कालियमर्दन एवं धेनुकासुर, अरिष्टासुर और कंस आदिका वध, श्रीकृष्ण और बलरामका विद्याभ्यास तथा गुरुदक्षिणारूपसे गुरुजीको उनके मरे हुए पुत्रको जीवित करके देना   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 43: कालियमर्दन एवं धेनुकासुर, अरिष्टासुर और कंस आदिका वध, श्रीकृष्ण और बलरामका विद्याभ्यास तथा गुरुदक्षिणारूपसे गुरुजीको उनके मरे हुए पुत्रको जीवित करके देना  »  श्लोक d18
 
 
श्लोक  2.43.d18 
विहरन्तौ मुदा युक्तौ वीक्षमाणौ वनानि वै।
क्ष्वेलयन्तौ प्रगायन्तौ विचिन्वन्तौ च पादपान्॥
 
 
अनुवाद
वहाँ, जंगल की सुंदरता की प्रशंसा करते हुए, दोनों भाइयों ने घूमने, खेलने, गीत गाने और विभिन्न वृक्षों की खोज का आनंद लिया।
 
There, admiring the beauty of the forest, the two brothers enjoyed roaming around, playing, singing songs and exploring various trees.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)