Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.43.d12: जब वे गीत गा रहे होते, तो भगवान कृष्ण पत्तों के बीच वेणु, तुम्बी और वीणा बजाते थे। इस प्रकार, कृष्ण गोप बालकों के साथ विभिन्न लीलाएँ करते थे। | mahabharat अध्याय 2.43: कालियमर्दन एवं धेनुकासुर, अरिष्टासुर और कंस आदिका वध, श्रीकृष्ण और बलरामका विद्याभ्यास तथा गुरुदक्षिणारूपसे गुरुजीको उनके मरे हुए पुत्रको जीवित करके देना । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तेषां संगायतामेव वादयामास केशव:।
पर्णवाद्यान्तरे वेणुं तुम्बं वीणां च तत्र वै॥
एवं क्रीडान्तरै: कृष्णो गोपालैर्विजहार स:।
अनुवाद
जब वे गीत गा रहे होते, तो भगवान कृष्ण पत्तों के बीच वेणु, तुम्बी और वीणा बजाते थे। इस प्रकार, कृष्ण गोप बालकों के साथ विभिन्न लीलाएँ करते थे।
While they were singing songs, Lord Krishna used to play Venu, Tumbi and Veena in between the leaf instruments. In this way, Krishna used to play with the Gopa boys through various pastimes.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥