vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 2: सभा पर्व
»
अध्याय 42: श्रीकृष्णका प्राकटॺ तथा श्रीकृष्ण-बलरामकी बाललीलाओंका वर्णन
»
श्लोक d8
श्लोक
2.42.d8
अजातशत्रो जातस्तु यथैष भुवि भूमिप:।
कीर्त्यमानं मया तात निबोध भरतर्षभ॥
अनुवाद
हे भरतकुलभूषण, हे अजातशत्रु! पृथ्वी के रक्षक ये भगवान यहाँ कैसे प्रकट हुए? मैं तुम्हें यह बता रहा हूँ, ध्यानपूर्वक सुनो।
Bharatkulbhushan, dear Ajatashatro! How did this Lord, the protector of the earth, appear here? I am telling you this, listen carefully.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×