श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 42: श्रीकृष्णका प्राकटॺ तथा श्रीकृष्ण-बलरामकी बाललीलाओंका वर्णन  »  श्लोक d8
 
 
श्लोक  2.42.d8 
अजातशत्रो जातस्तु यथैष भुवि भूमिप:।
कीर्त्यमानं मया तात निबोध भरतर्षभ॥
 
 
अनुवाद
हे भरतकुलभूषण, हे अजातशत्रु! पृथ्वी के रक्षक ये भगवान यहाँ कैसे प्रकट हुए? मैं तुम्हें यह बता रहा हूँ, ध्यानपूर्वक सुनो।
 
Bharatkulbhushan, dear Ajatashatro! How did this Lord, the protector of the earth, appear here? I am telling you this, listen carefully.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)