श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 42: श्रीकृष्णका प्राकटॺ तथा श्रीकृष्ण-बलरामकी बाललीलाओंका वर्णन  »  श्लोक d7
 
 
श्लोक  2.42.d7 
भीष्म उवाच
हन्त ते कथयिष्यामि युधिष्ठिर यथातथम्।
यतो नारायणस्येह जन्म वृष्णिषु कौरव॥
 
 
अनुवाद
भीष्मजी बोले - कुरुरत्न युधिष्ठिर! अब मैं वृष्णिवंश में भगवान नारायण के अवतार और पाणिग्रहण की यथार्थ कथा कहूँगा।
 
Bhishmaji said – Kururatna Yudhishthir! Now I will tell the exact story of the incarnation and eclipse of Lord Narayana in Vrishni dynasty.
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas