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mahabharat 2.42.d15: इन्द्र बोले - हे देव! आप समस्त जगत के रचयिता हैं। समस्त जगत के हितार्थ देवताओं के समस्त कर्तव्यों का पालन करके अपने तेज सहित परमधाम को लौट जाइए।   |   mahabharat अध्याय 2.42: श्रीकृष्णका प्राकटॺ तथा श्रीकृष्ण-बलरामकी बाललीलाओंका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 42: श्रीकृष्णका प्राकटॺ तथा श्रीकृष्ण-बलरामकी बाललीलाओंका वर्णन  »  श्लोक d15
 
 
श्लोक  2.42.d15 
इन्द्र उवाच
कृत्यानि देवकार्याणि कृत्वा लोकहिताय च।
स्वलोकं लोककृद् देव पुनर्गच्छ स्वतेजसा॥
 
 
अनुवाद
इन्द्र बोले - हे देव! आप समस्त जगत के रचयिता हैं। समस्त जगत के हितार्थ देवताओं के समस्त कर्तव्यों का पालन करके अपने तेज सहित परमधाम को लौट जाइए।
 
Indra said - O God! You are the creator of the whole world. After completing all the duties of the Gods for the benefit of the whole world, return to the Supreme Abode with your glory.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)