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श्री महाभारत
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पर्व 2: सभा पर्व
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अध्याय 42: श्रीकृष्णका प्राकटॺ तथा श्रीकृष्ण-बलरामकी बाललीलाओंका वर्णन
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श्लोक d10
श्लोक
2.42.d10
शिवा: सम्प्रववुर्वाता: प्रशान्तमभवद् रज:।
ज्योतींषि सम्प्रकाशन्ते जायमाने जनार्दने॥
अनुवाद
भगवान जनार्दन के जन्म के समय शीतल, मंद और सुखद वायु बहने लगी। पृथ्वी पर धूल जम गई और तारे चमकने लगे।
At the time of Lord Janardan's birth, cool, slow and pleasant winds started blowing. The dust on the earth settled down and the stars started shining.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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