Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.40.d75-d76: भीष्मजी कहते हैं - युधिष्ठिर! ऐसा कहकर भगवान विष्णु ने देवताओं को विदा करके स्वयं आधा मनुष्य और आधा सिंह बना लिया और नरसिंह रूप धारण कर लिया तथा एक हाथ से दूसरे हाथ को रगड़कर अत्यन्त भयानक रूप धारण कर लिया। वह अत्यंत शक्तिशाली नरसिंह उलटे मुख वाला मृत्यु के समान जान पड़ता था। | mahabharat अध्याय 2.40: वराह, नृसिंह, वामन, दत्तात्रेय, परशुराम, श्रीराम, श्रीकृष्ण तथा कल्कि अवतारोंकी संक्षिप्त कथा । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भीष्म उवाच
एवमुक्त्वा स भगवान् विसृज्य त्रिदिवेश्वरान्।
नरस्यार्धतनुं कृत्वा सिंहस्यार्धतनुं तथा॥
नारसिंहेन वपुषा पाणिं निष्पिष्य पाणिना।
भीमरूपो महातेजा व्यादितास्य इवान्तक:॥
अनुवाद
भीष्मजी कहते हैं - युधिष्ठिर! ऐसा कहकर भगवान विष्णु ने देवताओं को विदा करके स्वयं आधा मनुष्य और आधा सिंह बना लिया और नरसिंह रूप धारण कर लिया तथा एक हाथ से दूसरे हाथ को रगड़कर अत्यन्त भयानक रूप धारण कर लिया। वह अत्यंत शक्तिशाली नरसिंह उलटे मुख वाला मृत्यु के समान जान पड़ता था।
Bhishmaji says - Yudhishthira! After saying this, Lord Vishnu bid farewell to the gods and made himself half human and half lion and assumed the form of Narasimha and by rubbing one hand with the other, assumed a very terrifying form. That very powerful Narasimha looked like death with its face turned upside down.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥