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श्लोक  2.40.d55 
देवा ऊचु:
भगवन् भूतभव्येश नस्त्रायस्व इहागतान्।
भयं दितिसुताद् घोरं भवत्यद्य दिवानिशम्॥
 
 
अनुवाद
देवताओं ने कहा - हे भूत, वर्तमान और भविष्य के स्वामी पितामह! हम आपकी शरण में आए हैं! कृपया हमारी रक्षा करें। अब हमें उस राक्षस से दिन-रात बड़ा भय सता रहा है।
 
The gods said - O Lord Grandfather, the master of the past, present and future! We have come here seeking your refuge! Please protect us. Now we are getting great fear from that demon day and night.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)