Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.40.d27: ब्रह्माजी बोले- हे उत्तम व्रत का पालन करने वाले दैत्यराज! तुम मेरे भक्त हो। मैं तुम्हारी तपस्या से अत्यंत प्रसन्न हूँ। तुम्हारा कल्याण हो। कोई भी वर माँग लो और मनोवांछित वस्तु पा लो। | mahabharat अध्याय 2.40: वराह, नृसिंह, वामन, दत्तात्रेय, परशुराम, श्रीराम, श्रीकृष्ण तथा कल्कि अवतारोंकी संक्षिप्त कथा । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ब्रह्माजी बोले- हे उत्तम व्रत का पालन करने वाले दैत्यराज! तुम मेरे भक्त हो। मैं तुम्हारी तपस्या से अत्यंत प्रसन्न हूँ। तुम्हारा कल्याण हो। कोई भी वर माँग लो और मनोवांछित वस्तु पा लो।
Brahmaji said- O demon king who observes the best fast! You are my devotee. I am very pleased with your penance. May you be blessed. Ask for any boon and get the desired object.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥