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mahabharat 2.40.d224: वे वासुदेव के नाम से प्रसिद्ध हैं। वे सदैव समस्त लोकों के कल्याण में लगे रहते हैं। भूदेवी के प्रिय कार्य करने की इच्छा से उन्होंने वृष्णि वंश में अवतार लिया है।   |   mahabharat अध्याय 2.40: वराह, नृसिंह, वामन, दत्तात्रेय, परशुराम, श्रीराम, श्रीकृष्ण तथा कल्कि अवतारोंकी संक्षिप्त कथा   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  2.40.d224 
वासुदेव इति ख्यातो लोकानां हितकृत् सदा।
वृष्णीनां च कुले जातो भूमे: प्रियचिकीर्षया॥
 
 
अनुवाद
वे वासुदेव के नाम से प्रसिद्ध हैं। वे सदैव समस्त लोकों के कल्याण में लगे रहते हैं। भूदेवी के प्रिय कार्य करने की इच्छा से उन्होंने वृष्णि वंश में अवतार लिया है।
 
He is famous by the name of Vasudev. They are always engaged in the welfare of all the people. With the desire to do the work dear to Bhudevi, he has taken incarnation in Vrishni dynasty.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)