Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.40.d148-d150: इस प्रकार उन्होंने लोक कल्याण के लिए अनेक कार्य किए। हे भरतश्रेष्ठ! मैंने भगवान विष्णु के दत्तात्रेय नामक अवतार का वर्णन किया है। अब उस महान आत्मा के दूसरे अवतार का वर्णन सुनो। भगवान का वह अवतार जमदग्नि (परशुराम) नाम से प्रसिद्ध है। मैं तुम्हें बताता हूँ कि उन्होंने भृगु कुल में अवतार क्यों और कब लिया; सुनो। | mahabharat अध्याय 2.40: वराह, नृसिंह, वामन, दत्तात्रेय, परशुराम, श्रीराम, श्रीकृष्ण तथा कल्कि अवतारोंकी संक्षिप्त कथा । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
एवं बहूनि कर्माणि चक्रे लोकहिताय स:।
दत्तात्रेय इति ख्यात: प्रादुर्भावस्तु वैष्णव:॥
कथितो भरतश्रेष्ठ शृणु भूयो महात्मन:॥
यदा भृगुकुले जन्म यदर्थं च महात्मन:।
जामदग्न्य इति ख्यात: प्रादुर्भावस्तु वैष्णव:॥
अनुवाद
इस प्रकार उन्होंने लोक कल्याण के लिए अनेक कार्य किए। हे भरतश्रेष्ठ! मैंने भगवान विष्णु के दत्तात्रेय नामक अवतार का वर्णन किया है। अब उस महान आत्मा के दूसरे अवतार का वर्णन सुनो। भगवान का वह अवतार जमदग्नि (परशुराम) नाम से प्रसिद्ध है। मैं तुम्हें बताता हूँ कि उन्होंने भृगु कुल में अवतार क्यों और कब लिया; सुनो।
In this way he did many deeds for the welfare of the people. O best of the Bharatas! I have described the incarnation of Lord Vishnu named Dattatreya. Now listen to the description of another incarnation of that great soul. That incarnation of the Lord is famous by the name of Jamadagni (Parashuram). I will tell you why and when he took incarnation in the Bhrigu clan; listen.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥