Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 2.40.d146-d147: कार्तवीर्य की महानता को न तो पूर्वकाल में कोई राजा प्राप्त कर सका था और न ही भविष्य में कोई प्राप्त कर सकेगा। जब वे समुद्र में चलते थे, तो उनके वस्त्र गीले नहीं होते थे। राजा अर्जुन ने दत्तात्रेय की कृपा से लाखों वर्षों तक पृथ्वी पर राज्य किया और इसी प्रकार राज्य किया।   |   mahabharat अध्याय 2.40: वराह, नृसिंह, वामन, दत्तात्रेय, परशुराम, श्रीराम, श्रीकृष्ण तथा कल्कि अवतारोंकी संक्षिप्त कथा   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 40: वराह, नृसिंह, वामन, दत्तात्रेय, परशुराम, श्रीराम, श्रीकृष्ण तथा कल्कि अवतारोंकी संक्षिप्त कथा  »  श्लोक d146-d147
 
 
श्लोक  2.40.d146-d147 
न पूर्वे नापरे तस्य गमिष्यन्ति गतिं नृपा:।
यदर्णवे प्रयातस्य वस्त्रं न परिषिच्यते॥
शतं वर्षसहस्राणामनुशिष्यार्जुनो महीम्।
दत्तात्रेयप्रसादेन एवं राज्यं चकार स:॥
 
 
अनुवाद
कार्तवीर्य की महानता को न तो पूर्वकाल में कोई राजा प्राप्त कर सका था और न ही भविष्य में कोई प्राप्त कर सकेगा। जब वे समुद्र में चलते थे, तो उनके वस्त्र गीले नहीं होते थे। राजा अर्जुन ने दत्तात्रेय की कृपा से लाखों वर्षों तक पृथ्वी पर राज्य किया और इसी प्रकार राज्य किया।
 
No king of the past could achieve the greatness of Kartavirya and no one will be able to achieve it in the future. When he used to walk in the sea, his clothes would not get wet. King Arjun ruled the earth for millions of years and ruled the kingdom in this manner by the grace of Dattatreya.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)