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mahabharat 2.40.d145: वह वनों में मनुष्यों के खेतों की रक्षा करता था। यह कार्तवीर्य का अद्भुत कार्य है, जिसकी तुलना मनुष्यों से नहीं की जा सकती।   |   mahabharat अध्याय 2.40: वराह, नृसिंह, वामन, दत्तात्रेय, परशुराम, श्रीराम, श्रीकृष्ण तथा कल्कि अवतारोंकी संक्षिप्त कथा   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  2.40.d145 
स स्मारण्ये मनुष्याणां राजा क्षेत्राणि रक्षति।
इदं तु कार्तवीर्यस्य बभूवासदृशं जनै:॥
 
 
अनुवाद
वह वनों में मनुष्यों के खेतों की रक्षा करता था। यह कार्तवीर्य का अद्भुत कार्य है, जिसकी तुलना मनुष्यों से नहीं की जा सकती।
 
He used to protect the fields of humans in the forests. This is the amazing work of Kartavirya, which cannot be compared to humans.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)