Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.40.d129-d130: (वे वरदान इस प्रकार हैं - हैहयराज ने कहा -) 'मैं धनवान, बुद्धिमान, बलवान, सत्यवादी, दोषरहित और सहस्त्र भुजाओं से विभूषित होऊँ, यह मेरे लिए पहला वर है। 'मैं समस्त चर-अचर जगत् तथा अण्डज्वर आदि प्राणियों पर धर्मपूर्वक शासन करना चाहता हूँ' - यह मेरे लिए दूसरा वर हो। | mahabharat अध्याय 2.40: वराह, नृसिंह, वामन, दत्तात्रेय, परशुराम, श्रीराम, श्रीकृष्ण तथा कल्कि अवतारोंकी संक्षिप्त कथा । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
श्रीमान् मनस्वी बलवान् सत्यवागनसूयक:।
सहस्रबाहुर्भूयासमेष मे प्रथमो वर:॥
जरायुजाण्डजं सर्वं सर्वं चैव चराचरम्।
प्रशास्तुमिच्छे धर्मेण द्वितीयस्त्वेष मे वर:॥
अनुवाद
(वे वरदान इस प्रकार हैं - हैहयराज ने कहा -) 'मैं धनवान, बुद्धिमान, बलवान, सत्यवादी, दोषरहित और सहस्त्र भुजाओं से विभूषित होऊँ, यह मेरे लिए पहला वर है। 'मैं समस्त चर-अचर जगत् तथा अण्डज्वर आदि प्राणियों पर धर्मपूर्वक शासन करना चाहता हूँ' - यह मेरे लिए दूसरा वर हो।
(Those boons are as follows - Haihayaraj said -) 'May I be rich, intelligent, strong, truthful, faultless and adorned with a thousand arms, this is the first boon for me. 'I want to rule the entire animate and inanimate world along with the viviparous and oviparous creatures in a righteous manner' - this should be the second boon for me.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥