श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 40: वराह, नृसिंह, वामन, दत्तात्रेय, परशुराम, श्रीराम, श्रीकृष्ण तथा कल्कि अवतारोंकी संक्षिप्त कथा  »  श्लोक d115-d116
 
 
श्लोक  2.40.d115-d116 
बलिर्बद्धोऽभिमानी च यज्ञवाटे महात्मना॥
विरोचनकुलं सर्वं पाताले विनिपातितम्॥
 
 
अनुवाद
भगवान ने अहंकारी राजा बलि को यज्ञ वेदी में ही बांध दिया तथा विरोचन के सम्पूर्ण वंश को स्वर्ग से नरक में भेज दिया।
 
God tied the arrogant King Bali in the sacrificial altar itself and sent the entire clan of Virochana from heaven to hell.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)