श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 4: मयद्वारा निर्मित सभाभवनमें धर्मराज युधिष्ठिरका प्रवेश तथा सभामें स्थित महर्षियों और राजाओं आदिका वर्णन  »  श्लोक d2
 
 
श्लोक  2.4.d2 
मय उवाच
एषा सभा सव्यसाचिन् ध्वजो ह्यत्र भविष्यति॥
 
 
अनुवाद
मयासुर ने कहा- सव्यसाची! यह तुम्हारी सभा है, इसमें ध्वज होगा।
 
Mayasura said— Savyasachi! This is your assembly, there will be a flag in it.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)