श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 4: मयद्वारा निर्मित सभाभवनमें धर्मराज युधिष्ठिरका प्रवेश तथा सभामें स्थित महर्षियों और राजाओं आदिका वर्णन  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  2.4.9 
सभायामृषयस्तस्यां पाण्डवै: सह आसते।
आसांचक्रुर्नरेन्द्राश्च नानादेशसमागता:॥ ९॥
 
 
अनुवाद
उस सभा में पाण्डवों के साथ विभिन्न देशों के ऋषि-मुनि और राजा बैठते थे।
 
In that assembly, sages and kings from various countries used to sit with the Pandavas.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)