श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 4: मयद्वारा निर्मित सभाभवनमें धर्मराज युधिष्ठिरका प्रवेश तथा सभामें स्थित महर्षियों और राजाओं आदिका वर्णन  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  2.4.19 
एते चान्ये च बहवो वेदवेदाङ्गपारगा:।
उपासते महात्मानं सभायामृषिसत्तमा:॥ १९॥
 
 
अनुवाद
ये तथा अन्य अनेक वेद-वेदांगों में पारंगत ऋषिगण उस सभा में महात्मा युधिष्ठिर के पास बैठा करते थे।
 
These and many other great sages well versed in the Vedas and Vedangas used to sit near Mahatma Yudhishthir in that assembly.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)